मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में ड्यूटी और इसके लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग में अनुपस्थित रहने के लिए एक टीचर को सस्पेंड कर दिया गया था। टीचर ने इस मामले की जांच को बंद करने और अपनी बहाली करने के लिए जिला पंचायत सीईओ को 50 हजार रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की थी। इस पर महिला अधिकारी ने उस टीचर की अक्ल को सही राह में लगाते हुए पुलिस बुलाकर उसको गिरफ्तार कर थाने पहुंचा दिया।
आपको बता दें कि यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का है। इस जिले के माध्यमिक शाला कुपिया में टीचर विशाल अस्थाना ने विधानसभा चुनाव में ड्यूटी लगने के बाद भी नहीं की और वह ट्रेनिंग के दौरान भी अनुपस्थित रहे थे। उनकी इस लापरवाही के कारण जिला प्रशासन ने टीचर को सस्पेंड कर दिया था।
तब से ही ये विशाल अस्थाना सस्पेंड चल रहे थे और अपनी बहाली करवाने के लिए परेशान हो रहे थे। उनके इस मामले की जांच जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार कर रही थीं। अपनी बहाली के लिए निलंबित टीचर विशाल अस्थाना एक आवेदन लेकर 30 जनवरी की शाम को जिला पंचायत सीईओ के दफ्तर पहुंच गए। उन्होंने इस जांच को बंद करने के लिए जिला पंचायत CEO तपस्या परिहार से ऐसी हरकर की दी हर कोई उसको सुनकर हैरान है, इस टीचर ने तपस्या परिहार को एक लिफाफे में बंद 50 हजार रुपये की रिश्वत देने की कोशिश करने लगे।
इस पर सीईओ तपस्या परिहार ने रिश्वत लेने से इनकार करते हुए टीचर को फटकार लगा दी और उसके तुरंत बाद थाना सिटी कोतवाली पुलिस को फोन करके उनको पुलिस थाने पहुंचा दिया। इस पर IAS तपस्या परिहार ने कहा कि, उस टीचर ने चुनाव में ड्यूटी ना करने का जो कारण बताया था हम उसकी जांच कर रहे थे और उनको इस बात के लिए सस्पेंड किया गया था तो वह इस जांच को रोकने और अपनी बहाली करने के लिए मुझे रिश्वत दे रहे थे। इस पर मैंने पुलिस को कॉल करके उनको गिरफ्तार करवा दिया।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मौके पर पहुंची सिटी कोतवाली पुलिस की टीम ने रिश्वत देने के आरोप में टीचर विशाल अस्थाना को हिरासत में ले लिया और थाने लाकर इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
