Chandrayaan 3 updates: जैसा की हम सभी लोग जानते हैं चंद्रयान3,  14 जुलाई 2023 को लांच किया गया था। 30 अगस्त 2030 को चंद्रयान-3 चंद की सतह पर लैंड हुआ। यह पूरी बात पूरे भारतवासियों के लिए सम्मान और गौरव की बात रही।

अब चंद्रयान को जो कुछ भी चंद की सतह पर महसूस हो रहा है वह सभी चीज वैज्ञानिकों द्वारा यहां से समझा जा रहा है। आपको बता दे चांद की दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के बाद से सभी जनता जानना चाहती है कि चांद की दक्षिणी ध्रुव पर क्या-क्या मिला है।

चांद पर मिला यह बेशकीमती खजाना: Chandrayaan 3 updates

जैसा कि हमने आपको बताया चांद की दक्षिणी पर्व पर सफलतापूर्वक प्रज्ञान लैंड हो चुका है और अब वहां की जानकारियां साझा कर रहा है। ऐसे में एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है कि चांद पर प्रज्ञान रोवर को कई तरह के धातु एवं अन्य चीज मिल रही है। यह खबर सच्ची है या छोटी इस बात के लिए इसरो के प्रज्ञान रोवर से बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। रोवर ही अब इस बात की पुष्टि कर सकते हैं।

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प्रज्ञान रोवर चांद पर मिली चीजों के बारे में बार-बार खबरें साझा करता जा रहा है। ऐसे में आश्चर्य करने वाली बात यह है कि रोवर को चांद पर ऑक्सीजन, सिलिकॉन, कैल्शियम, सल्फर, एल्यूमीनियम, मैग्नीशियम, टाइटेनियम, क्रोमियम जैसे गैस और धातु प्राप्त हुए हैं। पर आपको बता दे फिलहाल हाइड्रोजन की खोज लगातार जारी है।

साउथ पोल पर पहली बार चंद्रयान की लैंडिंग

भारत दुनिया का चौथा ऐसा देश है जिसमें सक्सेसफुली चांद पर जाने के मिशन को पूरा किया। हालांकि भारत से पहले विश्व के तीन महत्वपूर्ण देशों ने ऐसा कर लिया है। पर आपको बता दे भारत विश्व का इकलौता ऐसा देश है जिसने साउथ पोल पर पहली बार चंद्रयान की लैंडिंग पुरी की है। पूरे विश्व में केवल भारत ही एक ऐसा देश है जिसने साउथ पोल पर भी इस क्षेत्र में सफलता प्राप्त की है।

14 दिनों तक सूर्य की गैर मौजूदगी का फायदा

सबसे पहले आपको बता दे चंद्रयान को सूर्य की मौजूदगी के समय ही चांद पर लैंड करवाया गया था अब जब सूर्य अस्त हो चुका है ऐसे में प्रज्ञान रोवर के लिए वहां चीज खोजना आसान हो गया है। जब तक 14 दिनों तक सूर्य की रोशनी चांद पर नहीं पड़ेगी तब तक रोवर जितनी चाहे उतनी सूचनाओं एकत्र कर सकता है।

आपको बता दे सूर्य अस्त होने के बाद चांद का तापमान – 300 डिग्री सेल्सियस के जितना कम हो जाता है। यदि हम पृथ्वी के दिनों की बात करें तो पृथ्वी के अनुसार इस मिशन को 14 दिनों के लिए भेजा गया है पर अगर यही चांद के समय की बात करें तो यह मिशन केवल एक दिन के लिए चांद पर भेजा गया है। लगातार प्रज्ञान रोवर से भेजी गई जानकारी से यह पता चला है कि इस 1 दिन में अभी हाइड्रोजन की खोज जारी है और इसी दौरान रोवर को चांद पर कई गैस और धातु मिले हैं जैसे की ऑक्सीजन, सिलिकॉन, कैल्शियम, सल्फर, एल्यूमीनियम, मैग्नीशियम, टाइटेनियम, क्रोमियम।