बिहार के शिक्षा विभाग ने छह हजार से ज्यादा प्लस टू स्कूलों में प्रधानाध्यापक और 40 हजार प्रारंभिक स्कूलों में प्रधान नियुक्त करने की तैयारी कर ली है। आगामी सोमवार को नियुक्ती की अधियाचना बिहार के लोक सेवा आयोग को भेजी जा सकती है।
इसके लिए सबसे पहले जिले के सभी पदाधिकारियों को रोस्टर क्लियरेंस के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा, और फिर वहां से प्रस्ताव आ जाने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। दरअसल साल 2022 में बीपीएससी के माध्यम से 6421 प्रधानाध्यापकों की नियुक्ती की घोषणा की थी, जिसमें से केवल 421 प्रधानाध्यापकों का ही चयन हो सका था।
पिछले कुछ दिनों में प्लस टू स्कूलों में प्रधानाध्यापक और प्रारंभिक स्कूलों में प्रधान शिक्षका की नियुक्ती को लेकर चर्चा की गई थी। जिसमें यह तय हुआ था कि फरवरी में इसकी प्रकिया को किसी भी हालत में शुरू कर दिया जाएगा, इस के बाद विभाग ने प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया था।
40 हजार प्राइमरी स्कूलों में रिक्ती
आपको बता दें कि बिहार राज्य के 40 हजार प्रारंभिक या प्राइमरी स्कूलों में प्रधान शिक्षकों के पद खाली हैं। बिहार में प्रधान शिक्षकों की भर्ती के लिए बिहार लोक सेवा आयोग की तरफ से प्राइमरी टीचरों के विभिन्न 40506 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन दिया गया था। लेकिन कुछ कारणों वश परीक्षा नहीं हो पाई थी, लेकिन करीब दो साल बाद इस भर्ती का इंतजार खत्म होने वाला है।
शिक्षकों को मिलेंगे पांच मौके
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने बीते शुक्रवार की शाम को सीतामढ़ी स्थित डायट भवन में कहा गया था कि सक्षमता परीक्षा में नियोजित शिक्षकों को तीन की जगह पांच मौके दिए जाएंगे। इस डायट भवन के मीटिंग हाल में नियोजित शिक्षकों और पदाधिकारियों से बातचीत करने के दौरान कहा कि परीक्षा से डरने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है। तो वहीं शिक्षा विभाग ने सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए तीन की जगह पांच अवसर दिए जाने का प्रस्ताव तैयार किया है।
