Killer Combat drone जैसे तुम सभी लोग जानते हैं चीन व्यापार करने में सबसे समृद्ध देश माना जाता है। चीन कई तरह का व्यापार करते हैं जिनमें से हथियार भी उनकी कमाई का एक मुख्य जरिया है।
हाल ही में सोशल मीडिया पर चर्चा में बनी हुई या खबर की चीन अब ऐसे ड्रोन बेच रहा है जिसमें ए सिस्टम को लैस किया गया है। यानी कि कोड डाल देने पर ड्रोन खुद अपने दुश्मन को चुन चुन कर निशाना साधेगी। आईए जानते हैं इस ड्रोन की खासियत और इसके फायदे और नुकसान के बारे में।
अब तक चीन ने इन देशों को दिए हैं यह ड्रोन Killer Combat drone
हालांकि दुनिया भर में इस ड्रोन की चर्चे शुरू हो चुके हैं पर इसे चीन ने अब तक केवल चार देशों के साथ ही व्यापार किया है। आपको बता दे चीन ने अब तक सऊदी म्यांमार इराक और इथोपिया देश को ही यह विशेष ए आई सिस्टम लैस वाले ड्रोन बेचे हैं। मिडिल ईस्ट के देशों के लिए यह एक चिंता का विषय बनता जा रहा है।
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अगर ड्रोन ने कर लिया गलत दुश्मन का चयन तो क्या होगा
जैसे कि अब तक हमने आपको बताया ड्रोन को किसी प्रकार से कंट्रोल नहीं किया जाएगा बल्कि वह खुद निशाना सादगी और अपने दुश्मनों का सफाई करेगी। ऐसे में लोगों के मन में चल रहा है सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि अगर ड्रोन सही दुश्मन को ना पहचान सके तो क्या होगा।
इस प्रश्न का उत्तर देने से पहले आपको बता दें कि हां लेकर चल रहे विवाद और युद्ध के समय सऊदी अरब में चीन में बने इस एयरक्राफ्ट को युद्ध के लिए यमन भेजो और वहां यह एयरक्राफ्ट बेकाबू हो गया और रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था।
ऐसे में बीते 8 सालों में इस बेकाबू ड्रोन ने 8000 यमन नागरिकों को मार डाला है ना कि यमन सैनिकों को। यही कारण है कि ज्यादातर देश इस ड्रोन के बेकाबू होने के हाल के बारे में सोच कर फिलहाल इसे नहीं खरीद रहे हैं।
इसके साथ ही आपको बता दें कि इराक में चीन के साथ डांस में 2018 के मध्य में इस साल के जनवरी तक इस्लामिक स्टेट के आतंकियों पर कई हवाई हमले करवाए। इसमें एंट्रेंस की सहायता से सफ़ाई से भी सफलता प्राप्त हुई।
